खामोश कातिल है हेपेटाइटिस रोग – Dr Ekika Singh

July 29, 2025by Mahima Aggarwal

इस रोग में लक्षण नहीं दिखते हैं। इनमें महिलाएं और बच्चे अधिक प्रभावित हो सकते हैं। इस रोग में समय से पहले जांच और इलाज से संक्रमण रोका जा सकता है। यह जानकारी एसएनएमएच की एचओडी डॉ. एरिक्का सिंह ने दी। उन्होंने कहा, यह बीमारी निर्मित संक्रमण से होती है, जो खून, शरीर के तरल पदार्थ, संक्रमित सीरिंज और प्रसव के दौरान मां से शिशु में स्थानांतरित हो सकती है।

उन्होंने कहा, इस रोग में आंखों में पीलापन होना, थकान, भूख न लगना, बुखार रहना, पेट में दर्द और उल्टी आना शामिल हैं। समय रहते पहचान न होने पर यह बीमारी जानलेवा हो सकती है। इस रोग से लिवर सिरोसिस या लिवर कैंसर हो सकता है। इस अवसर पर डॉ. संजय सिंह ने बताया कि हेपेटाइटिस बी एक वैक्सीन निरोधात्मक बीमारी है। इस बीमारी से बचाव के लिए समय से टीकाकरण कराना जरूरी होता है। अस्पताल परिसर में ६५ लोगों की जांच एवं उनमें से २२ को नि:शुल्क टीकाकरण किया गया।